धोनी ❤️अनहोनी
महेन्द्र सिंह धोनी। क्या ही कहूँ। कोचिंग मैनुअल और कॉपीबुक शैली से इतर भारतीय क्रिकेट की अमूल्य सेवा। तीन पीढ़ियों ने पसंद किया। महेंद्र सिंह धोनी का करियर ‘सचिन आउट, टीवी बंद करो’ से लेकर ‘ रुको बे अभी धोनी है है’ तक का एक शानदार सफ़र रहा है। धोनी मोहल्ले का वो लड़का है जिसने सपने देखने का शऊर सिखाया। आज के समय में जो लोग भी छोटे शहर से बड़े शहर पहुँचे, उनके मन में कहीं न कहीं अपनी फील्ड का धोनी होने का सपना था धोनी ने हमें वो ट्रेन पकड़ने की हिम्मत दी जो जेब में टिकट होते हुए भी हर बार छूट जाती थी आधे समय में सवाल कर परीक्षा हॉल छोड़ देता है। क्रिकेट खेला के लिए नौकरी-वौकरी भी। छोड़ देता है एक पाली की कप्तानी, पूर्व कप्तान के लिए। और फिर विश्व कप जीत जाने के बाद छोड़ देता है भीड़, उन्माद और कोलाहल आँखें ढूँढती हैं उसे औऱ उसकी मुस्कान को हर फ़ोटो फ्रेम के कोने में खड़ा ..... वो रवि शास्त्री के शब्द जिन्होंने मुहर लगाई थी कि तुमने हेलीकॉप्टर शॉट से खत्म किया सूखा 28 साल का इंसान जब जान जाता है कि उसकी सीमाएं उसके प्र...